[panna] - छतरपुर यूनिवर्सिटी के राजनीति शास्त्र के प्रशन पत्र में मिली बड़ी गड़बड़ी

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पन्ना. महाराज छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा में सोमवार को राजनीति शास्त्र के प्रशनपत्र की परीक्षा में वस्तुनिष्ट दो प्रश्नों के चार विकल्पों में कोई भी सही विकल्प नहीं पाया गया। परीक्षार्थियों ने इसकी शिकायत वीक्षकों और केंद्राध्यक्ष से भी की है। इस संबंध में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसरों ने भी विकल्प के रूप में दिए गए चारों विकल्प के सही नहीं होने की बात कही। इसके साथ ही मामले की जानकारी यूनिवर्सिटी प्रबंधन को भी देने की बात कही गई।

जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी द्वारा इन दिनों वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को बीए द्वितीय वर्ष के राजनीति विज्ञान के प्रशनपत्र की परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान वस्तुनिष्ट प्रशनों में प्रश्न क्रमांक चार में पूछा गया, कार्ल माक्र्स किस देश का विचारक था। इसके विकल्प के रूप में जिन चार विकल्पों को सुझाया गया था उनमें रूस, चीन, अमेरिया और इंग्लैंड के नाम दिए हुए थे। छात्रों के अनुसार ये चारो गलत हंै। इसी प्रकार से प्रश्न क्रमांक पांच में पूछा गया था, चौखम्भा राज्य का संबंध किस विचारक से है। इसके चार विकल्पों में गांधीजी, डॉ. बीआर अम्बेडकर, पंडि़त दीनदयाल उपाध्याय और एमएन राय के नाम दिए गए। जबकि इन चारों में से कोई भी सहीं नहीं है। परीक्षार्थियों ने इसकी जानकारी वीक्षकों और केंद्राध्यक्ष को भी दी है। सही उत्तर के संबंध में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर व देवेंद्रनगर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अमिताभ पांडेय ने बताया कि कार्ल माक्र्स जर्मनी में पैदा हुआ था और वह जर्मनी का ही विचारक था। इससे पहले प्रशन को लेकर परीक्षार्थियों का विरोध जायज है। इसी प्रकार से उन्होंने बताया चौखम्भा राज्य की अवधारणा डॉ. राम मनोहर लोहिया की थी। इससे प्रश्न का भी सही उत्तर चार विकल्पों में नहीं है। उन्होंने बताया, मामले केा लेकर परीक्षार्थियों का विरोध जायज है। इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी को भेजी जाएगी।

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