[roorkee] - झबरेड़ा के लोगों को झूठे प्रमाणपत्र दिखाने की आदत : चैंपियन

  |   Roorkeenews

ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की

खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने चौधरी कुलवीर सिंह के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि चौधरी कुलवीर खाली बकवास न करें बल्कि 200 साल पहले के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और देहरादून के गजेटियर का अध्ययन करें, जिसमें लंढौरा रियासत है और झबरेड़ा जमींदारी। उन्होंने आरोप लगाया कि झबरेड़ा क्षेत्र के लोगों को फर्जी प्रमाणपत्र बनाने और दिखाने की आदत है।

विधायक चैंपियन ने चौधरी कुलवीर सिंह के बयान पर कहा कि ‘वैसे तो मैं बड़े बुजुर्गों के कहने का बुरा नहीं मानता, लेकिन जब भी कोई बात कहता हूं तो सबूत जरूर देता हूं।’ कहा कि चौधरी कुलवीर को 200 साल पहले के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और देहरादून के गजेटियर का अध्ययन करना चाहिए, जिसमें साफ लिखा है कि लंढौरा रियासत थी और झबरेड़ा जमींदारी। साथ ही कुंजा बहादुर भी लंढौरा के अंतर्गत था। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि वर्ष 1798 में गोरखों के आक्रमण के बाद टिहरी के महाराजा लंढौरा महल में मदद मांगने के लिए आए थे। उस समय राजा रामदयाल सिंह ने दस हजार गुर्जर सैनिक टिहरी में उनकी रक्षा के लिए भेजे थे। युद्ध के बाद यहां से गए गुर्जर सैनिक पहाड़ी क्षेत्र में बस गए थे। विधायक चैंपियन ने कहा कि हाल ही में इन्हीं गुर्जर सैनिकों की संतानों को उन्होंने ओबीसी कमीशन का चेयरमैन रहते हुए महरा जाति को ओबीसी जाति में सम्मिलित कराया। उन्होंने चौधरी कुलवीर की ओर से लंढौरा रियासत में वंशज गोद लिए जाने के के बयान पर कहा कि गोद लिए जाने की परंपरा राजशाही परिवारों में ऐतिहासिक रूप से रही है। जयपुर रियासत में वहां के महाराजा को गोद लिया गया था। इसी तरह कई अन्य उदाहरण मौजूद हैं। इसमें गलत क्या है।...

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/ZSafIQAA

📲 Get Roorkee News on Whatsapp 💬