[ujjain] - राम कण-कण में है और रावण का कोई वजूद नहीं-आचार्य कुशाग्रनंदी महाराज

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उज्जैन. धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करने वाले सुधर जाएं। एेसे लोग अच्छे तरीके से समझ लें कि नाम के आगे रावण लगा लेने से कुछ नहीं होने वाला है। श्रीराम एक ऐसे संस्कृति महापुरुष हैं, जो कण-कण में समाहित हैं और जिनको पूरा विश्व में जाना जाता है। रावण का कोई वजूद नहीं है। देश के युवाओं को रामराज्य स्थापना की दिशा में कार्य करते रहना चाहिए।

रामराज्य स्थापित करने का स्वप्न देखें

उक्त बात आचार्य कुशाग्रनंदी महाराज ने कहा ने पत्रकारों से चर्चा में कहीं। महाराज ने कहा कि आज देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो राम के नाम पर बात करें। रामराज्य स्थापित करने का स्वप्न देखें और उसे साकार करने के लिए कदम बढ़ाएं। एक संगठन के प्रमुख द्वारा अपने नाम के साथ रावण लिखने पर महाराज का कहना है कि कुछ लोग का फैशन है अपने नाम के साथ रावण लगाकर खुद को महात्मा समझने लगते हैं। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि राम बनकर देश और समाज का भला किया जा सकता है, रावण बनकर नहीं। पश्चिम बंगाल में राम नवमी का जुलूस रोके जाने से नाराज आचार्य कुशाग्रनंदी महाराज ने जुलूस को रोकने वाल यह नहीं भूले कि श्रीराम के साथ हनुमान जी की वानर सेना ने लंका पर विजय प्राप्त की थी।...

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