[ranchi] - रांची : सामाजिक आर्थिक विकास में मधुमक्खी पालन बेहतर कदम : डॉ आरएस कुरील

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मधुमक्खी पालन से जनजातीय आबादी की आजीविका एवं उद्यमिता विकास विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन

किसानों की आय बढ़ाने के लिए जिले में कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से क्रियान्वित की जायेगी यह परियोजना

रांची : झारखंड राज्य के जंगल, करंज, जामुन, नीम, सखुआ, सागवान, शीशम, सेमल, युक्लिप्टस, इमली, बकाईन आदि पेडों से भरे हैं. यहां की जमीन लीची, अमरूद, केला, पपीता, सहजन, सरगुजा एवं अन्य साग-सब्जियों के लिए भी बहुत बेहतर है. इन पौधों से भी शहद उत्पादन में मदद मिलती है, जिससे शहद का उत्पादन अधिक होता है.

इसे देखते हुए झारखंड राज्य मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत ही उपयुक्त है. उक्त बातें बीएयू के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आरएस कुरील ने कहीं. वे ‘मधुमक्खी पालन से जनजातीय आबादी की आजीविका एवं उद्यमिता विकास’ विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदघाटन कर रहे थे....

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