[azamgarh] - कूटरचित अभिलेख से 2.5

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आजमगढ़। ग्राम समाज की भूमि पर बने विद्यालय की जमीन का कूटरचित दस्तावेज के आधार पर अपना स्वामित्व दिखा 2.58 लाख की सांसद निधि हड़पने के मामले में कोर्ट के आदेश पर शहर कोतवाली में प्रबंधक विजय प्रकाश सिंह पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने अरुण कुमार सिंह पुत्र स्व. शिव प्रकाश सिंह की तहरीर पर विजय प्रकाश सिंह के खिलाफ सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सगड़ी तहसील के ग्राम सभा शिवपुर में आराजी संख्या 1765 रकबा .22 हेक्टेयर ग्राम सभा की जमीन है। इस जमीन पर आदर्श हरिजन बाल विद्या मंदिर बना है। महारागंज थाना क्षेत्र के भीलमपुर निवासी विजय प्रकाश सिंह ने इस जमीन की अपने स्वामित्व के नाम की कूटरचित खतौनी तैयार कर 2001 में सांसद निधि से 2.58 लाख रुपये जारी करा लिए। मामले की शिकायत तत्कालीन सीडीओ अभिषेक सिंह से की गई थी। जांच के बाद खतौनी फतौनी फर्जी पाई गई। इसकी रिकवरी, ध्वस्तीकरण और मान्यता प्रत्याहरण का आदेश जारी कर दिया गया था। मामले में अभी कार्रवाई प्रचलित है। अरुण कुमार सिंह ने गबन के इस मामले में शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई तो पुलिस ने टरका दिया। इस पर अरुण सिंह ने कोर्ट की शरण ली। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 19 अप्रैल को एफआईआर करने के निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने विजय प्रकाश सिंह पुत्र स्व. अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। विजय प्रकाश सिंह पर एफआईआर दर्ज होने के बाद अब संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की गर्दन भी फंसती नजर आ रही है। अभिलेखों की पड़ताल के बाद ही सांसद निधि जारी किए जाने का प्रावधान है। तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी भी प्रकरण में दोषी नजर आ रहे हैं। विजय प्रकाश सिंह अपने पुत्र पंकज सिंह फर्जी टीसी के मामले में भी फंसे हैं। इस प्रकरण में बीएसए के स्तर से भी उन पर और उनके पुत्र पंकज सिंह पर कार्रवाई प्रचलित है।

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