[hapur] - सिर पर काम का बोझ, मन में चिंता

  |   Hapurnews

सिर पर काम का बोझ, मन में चिंता

गढ़मुक्तेश्वर। तापमान में बढ़ोतरी होने से खेतों में खड़े गन्ने का वजन तेजी से घट रहा है। इसके चलते किसान खेत खाली करने के लिए कोल्हू क्रेशरों का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं पर्ची किल्लत दूर न होने से भी किसान परेशान हैं।

अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में प्रारंभ हुआ सिंभावली शुगर मिल का पेराई सत्र अब अपने आखिरी दौर की तरफ कदम बढ़ा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ तहसील क्षेत्र से जुड़े जंगल में अभी हजारों बीघा गन्ने की फसल खेतों में खड़ी हुई है। चिलचिलाती धूप निकलने से तापमान में लगातार इजाफा होता जा रहा है, जिससे गन्ने का वजन घटने के साथ ही फसल में सिंचाई की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन पेराई सत्र आखिरी दौर में पहुंचने के बाद भी मिल प्रबंधन पर्ची किल्लत दूर करने को तैयार नहीं है, जिससे खेतों में खड़े गन्ने को लेकर आशंकित किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसान जयवीर, राकेश, ताहिर, मदहत अली, चुन्ना खां का कहना है कि पर्ची किल्लत दूर न होने से खेतों में खड़ा गन्ना बर्बाद हो रहा है, जबकि खेत खाली करने के लिए कोल्हू क्रेशरों पर सस्ते रेट में गन्ना बेचना मजबूरी हो रही है। किसानों का यह भी कहना है कि इन दिनों गेहूं की कटाई, निकासी और भूसे की ढुलाई के काम में व्यस्त होने के साथ ही गन्ने की फसल को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, लेकिन मिल प्रबंधन पर्ची किल्लत की समस्या से निजात दिलाने को तैयार नहीं है।...

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/oCusQAAA

📲 Get Hapur News on Whatsapp 💬