[harda] - सबसे मीठा तरबूज, बड़े शहरों के साथ विदेशियों को भी लुभा रही इसकी खासियत

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राजेश मेहता @ खिरकिया. आम भले ही फलों का राजा कहलाता हो, लेकिन तरबूज का रसीलापन और मिठास गर्मियों में अमृत के समान होती है, यही कारण है कि देश में तरबूज को पसंद किया जाता है। क्षेत्र के किसानों द्वारा तरबूजों की पैदावार की जा रही है, जिसकी मांग अब पाकिस्तान और नेपाल में बढ़ रही है। किसानों द्वारा इसलिए वे अपनी पारंपरिक खेती के अतिरिक्त उपज के तौर पर तरबूज की खेती कर रहे है।

ड्रिप मल्चिंग पद्धति से हो रही तरबूज की खेती

जानकारी के अनुसार किसानों द्वारा इंदिरा सागर जलाशय के बैकवाटर के किनारे की भूमि को तरबूज की खेती का माध्यम बनाया गया है। विकासखंड के ग्राम दामोदरपुरा, चौकड़ी, कालधड़, हीरापूर के अलावा किल्लौद व हरसूद ब्लाक में बैकवाटर क्षेत्र के जुड़े चिकली, भवरली, नांदियाखेड़ा, लहाड़पुर में बैकवाटर की कछार में मल्चिंग लगाकर तरबूज की खेती की जा रही है। क्षेत्र के उन्नत किसान आशीष वर्मा ने बताया कि ड्रिप मल्चिंग पद्धति से खेती किए जाने पर मल्चिंग पानी का वाष्पीकरण नहीं होने देता है और नमी बनाए रखता है, जिससे पानी की अधिक आवश्यकता नहीं होती है। किसानों द्वारा सागर किंग, सरस्वती, रायल किंग प्रजाति के तरबूजों की खेती की जा रही है, जो 65 दिनों में तैयार हो जाते हैं। क्षेत्र में करीब 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में तरबूज की खेती की जा रही है।...

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