[jashpur-nagar] - कद है न हाथ और जब चलाती है कंप्यूटर तो लोग दांतों तले ऊँगली दबाने मजबूर हो जाते हैं

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पत्थलगांव. इंसान मे जज्बा हो तो कोई भी कार्य नामुमकिन नहीं है,रायकेरा की रहने वाली सिलबिना तिग्गा (20) की है लेकिन उसका कद तीन साल के बच्चे से भी कम है। भगवान का कहर इतने में नही ठहरा, सिलबिना का कद गंवाने के साथ उसके दोनो हाथ भी भगवान ने पैदाईसी छीन लिए। अब सिलबिना अपनी इस बेबसी के लिए खुद के भाग्य को ही दोषी मानती है। पर उसने जीवन के उतार चढ़ाव से हार नहीं मानी।

सिलबिना राजधानी रायपुर में कम्प्युटर आपरेटर के पद पर पदस्थ है। वह आगे चलकर सामान्य इंसान के लिए एक मिसाल बनना चाहती है। दरअसल सिलबिना तिग्गा जशपुर जिले के रायकेरा की रहने वाली है। इसका जन्म रायकेरा में ही हुआ था। लेकिन यह जन्म से ही सामान्य बच्चो जैसी नहीं थी,भगवान ने इसे छोटा कद देने के साथ-साथ दोनो हाथ भी बचपन मे ही छीन लिए। सिलबिना की प्रारंभिक शिक्षा रायकेरा मे संपन्न हुई। इसके बाद इसने 12वीं तक की पढाई कन्या शाला कुनकुरी मे पूरी की। अब सिलबिना अपनी आगे की पढ़ाई रायपुर में रहकर पूरी कर रही है,सिलबिना ने कभी भी दूसरो की अपेक्षा खुद को कमजोर नहीं समझा। वह जीवन के सभी कठिन पायदान मे हंसते हंसते आगे बढ़ती चली गई। आज सिलबिना एक सामान्य व्यक्ति की तरह खुद को समाज मे स्थापित कर ली है,सिलबिना किसी के सहारे की मोहताज नहीं है। दोनो हाथ ना रहने के बावजुद भी सिलबिना अपने जीवन के सारे काम व अपना जीवन यापन खुद के सहारे कर रही है। सिलबिना राजधानी के घड़ी चौक में एक निजी कम्प्युटर की दुकान मे आपरेटर के पद पर पदस्थ है। यह यहा रहकर कम्प्युटर आपरेटर के साथ-साथ कम्प्युटर की अन्य जानकारी को सिखने का काम कर रही है। सिलबिना खुद को किसी से कमजोर ना समझते हुए कभी भी अपने घर वालो के लिए बोझ साबित नहीं हुई।...

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