[kaithal] - आग का कहर जारी, दो सौ एकड़ में जले फाने

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कलायत। कलायत में दूसरे दिन भी खेतों में आग का कहर जारी रहा। आग की लपटों ने गांव रामगढ़, हरिपुरा, कलायत व मटौर के करीब 200 एकड़ में फाने, तूड़ा के कूप व छोटे बड़े पौधों जला कर स्वाहा कर दिया। दिन भर तेज चली हवाओं के कारण आग पर काबू पाना बहुत ही मुश्किल रहा पर अधिकांश स्थानों पर किसानों ने अपने ही स्तर पर आग पर काबू पा लिया।

सुबह करीब 10 बजे गांव रामगढ़ के खेतों में आग धधक उठी जिसमें बिरजा, सेवा राम व उदिया राम के 12 एकड़ में फाने जल गए। किसानों ने बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। इसके साथ ही कलायत मटौर मार्ग पर खेतों में आग धधक उठी व लगभग 90 एकड़ में फैल गई। आग पर काबू पाने के लिए गांव कलायत व मटौर के किसानों ने बहुत मेहनत की उसके बावजूद भी 90 एकड़ भूमि में खड़े फाने जल कर राख हो गए। किसान गुलाब सिंह, नरेश कुमार, पिंटू, सुरेंद्र, बलबीर, नीटू, रवींद्र व प्रदीप का कहना था कि आग लगने के कारणों का उनको नही पता। अपने खेतों में वे लोग रिपर के माध्यम से तूड़ा बनवाने में लगे थे कि आग उनके खेतों की और बढ़ती नजर आई। जब तक काबू करते तब तक अवशेष स्वाहा हो गए। तूड़ा बनाने वाली मशीनों को मुश्किल से बचाया गया। इसी तरह से गांव हरिपुरा में किसान पोपल राम, धर्मसिंह, मेवा राम, रामफल, लाल सिंह, शिशन कुमार, धर्मवीर व दिलबाग किसान के लगभग 70 एकड़ में खड़े फाने जल कर राख हो गए। गांव कैलरम में लगी आग में किसान बलराज व धीरा राम के 20 एकड़ में फाने जल गए। अचानक लगी आग की सूचना गांव के मंदिर के माध्यम से लोगों को दी गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग खेतों में पहुंच गए। लोगों ने सबसे पहले तो खेतों में ही बने किसानों के आवास को आग से बचाया उसके बाद आग पर काबू करने का प्रयास किया। जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक 20 एकड़ में फाने, 2 तूड़ा के कूप व 50 छोटे बड़े पौधे जल कर राख हो गए।

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