[khandwa] - गुत्थी सुलझाने में मददगार बना मोबाइल, मुखबिर तंत्र फेल

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खंडवा. आधुनिक युग में पुलिस तो हाईटेक हो गई है। लेकिन अपने महत्वपूर्ण अंग जमीनी मुखबिर तंत्र को पीछे छोड़ दिया है। मौजूदा समय में अपराधों की गुत्थी सुलझाने में मोबाइल पुलिस का मददगार साबित हो रही है।

वहीं जिन वारदातों में मोबाइल नहीं मिलता वह सुलझाने में पुलिस को पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि जमीनी तौर पर पुलिस का सक्रिय मुखबिर तंत्र फेल साबित हो रहा है। जिले की वारदातों में नजर दौड़ाएं तो ज्यादातर सनसनीखेज अपराधों को पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और मोबाइल से मिली जानकारियों के आधार पर ही सुलझाया है। यही कारण है कि पुलिस लगातार सर्विलांस ट्रैकिंग सिस्टम पर निर्भर होती जा रही है। वारदात होते ही पुलिस सबसे पहले साइबर सेल को सक्रिय करती है। ताकि सर्विलांस के जरिए आसानी से अपराधियों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा सकें। लेकिन हाईटेक होने के बाद भी पुलिस को मुखबिरों के बगैर कुछ अपराधों को ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।...

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