[kuchaman-city] - शौक के लिए नृत्य सीखकर अपनाया तो बन गए कलाकार

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कुचामनसिटी.

नृत्य एक ऐसी कला है, जिसमें मानवीय अभिव्यक्ति को रसमय बनाकर प्रस्तुत किया जा सकता है। नृत्य एक सम्पूर्ण शारीरिक व्यायाम होने के साथ ही भावाभिव्यक्ति भी है। जो चेहरे की भावभंगीमा के साथ शरीर के सभी अंगो से प्रदर्शित की जा सकती है।

प्रदेश में कालबेलिया नृत्य, चकरी नृत्य, भंवई, घूमर सहित कत्थक भी पारंपरिक नृत्य रहे है जो अब नए कल्चर में रंग गए है। हमारे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आज भी पाश्चात्य कल्चर के साथ पारंपरिक नृत्यों की अलग पहचान है। क्षेत्र के कई कलाकारों से पत्रिका ने वल्र्ड डांस की पूर्व संध्या पर चर्चा की तो सामने आया कि बचपन में शौक के लिए नृत्य सीखा जो बाद में उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया। इस शौक को अपना कर कई छात्र-छात्राएं सिनेमा के छोटे व बड़े पर्दे के कलाकार भी बन गए है।...

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