[mau] - ...हम गधे थे गधे के गधे रह गए

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साहित्य परिषद गोठा के तत्वावधान में गोठा बाजार में आल इंडिया कवि सम्मेलन शनिवार की रात आयोजित किया गया। सम्मेलन में पूरी रात ठहाकों, गंभीर चिन्तन तथा श्रृंगार रस की रचनाओं का लोग आनंद उठाते रहे।

कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक जायसवाल, विशिष्ट अतिथि डॉ. गोपाल कृष्ण राय, पूर्व विधायक उमेशंद पांडेय अतुल राय ने किया। वहीं कवि दिनेश उपाध्याय की पुस्तक ‘मधुर बचन के तीर’ का लोकार्पण किया गया ।

कवि सम्मेलन मुशायरे की शुरुआत कवयित्री डॉ. सुमन शर्मा की सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद अबरार घोसवी ने ‘मेरा हिंदुस्तान ये है मेरा हिंदुस्तान’ सुनाया। बाराबंकी के गीतकार गजेंद्र सिंह प्रियांशु ने लक्ष्य हम पर सधे थे से रह गए, हाथ पहले बंधे थे बंधे रह गए, एक आई लहर तुम हुए मंत्री, हम गधे थे गधे के गधे रह गए सुनाया तो लोग ठहाका लगाने पर मजबूर हो गए। विनीत सिंह चौहान ने ‘इतना खून नहीं छिड़को कि मौसम फागी हो जाए, सेना को इतना मत रोको सैनिक बागी हो जाए’, तेज नरायन शर्मा ने नासा के वैज्ञानिकों ने अपनी मिसाइलें देकर मोदी जी से कहा कि इन्हें अंतरिक्ष में स्थापित कर दो, सुना है आप बहुत ऊंची छोड़ते हैं, सुनाकर दाद हासिल की। इलाहाबाद के बिहारी लाल अंबर ‘हमारे देश की पुलिस बहुत अच्छी है सौ नंबर डायल करो तो चली आती है और सौ रूपये दे दो तो चली जाती है’ सुनाकर खूब हंसाया। इसक अलावा कवि दिनेश उपाध्याय, प्रदीप मिश्रा, सरिता शर्मा, डॉ. शाद मसर्खी समेत कई कवियों ने रचनाएं पेश कीं। संचालन रामकिशोर तिवारी ने किया। संयोजक वीरेंद्र उपाध्याय ने आभार जताया। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष झारखंडे, पूर्व प्रधान विजेंद्र राय, विपिन, अजीत राय, राजेश राय, श्यामसुंदर मौर्य, अरूण राय, जयकृष्ण राय, अनिल गुप्त मौजूद रहे।

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