छत्तीसगढ़ में 11वीं सदी में बने इस मंदिर में विराजमान है विश्व के इकलौते तांत्रिक गणेश

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मैकाल की पहाडिय़ों और हरे भरे जंगलों के बीच भोरमदेव का मंदिर(bhoramdeo temple), जिसे देखते ही लोग इसकी सुंदरता के दीवाने हो जाते हैं। यह मंदिर छत्तीसगढ़ के खजूराहो (chhattisgarh khajuraho) के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर प्रकृति की सुंदरता के बीच बसा हुआ है। 11वीं सदी में बने इस मंदिर में प्राचीन पाषाण सभ्यताओं (Ancient stone civilizations) की मूर्तियां हैं। इस मंदिर के बारे में ये सभी बातें तो हर कोई जानता है, पर इस मंदिर के अंदर कुछ ऐसा भी है जिससे अभी तक काफी लोग अंजान हैं।

11वीं सदी में नागवंशी राजाओं ने भोरमदेव मंदिर (bhoramdeo temple) का निर्माण करवाया था। उस समय नागवंशी राजा तंत्र मंत्रों का अभ्यास किया करते थे। जिसकी छवि मंदिर की दीवारों में की गई नक्काशी में दिखाई देती है।...

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