जौनपुर में हुई घटनाओं में पुलिस का रवैया असंवेदनशील : विद्वान

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नई टिहरी। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य स्वराज विद्वान ने कहा कि जौनपुर में दलित बच्ची के साथ बलात्कार की घटना और विवाह समारोह में मारपीट के बाद दलित युवक की मौत के मामले में टिहरी पुलिस का व्यवहार असंवेदनशील दिखा। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सदस्य ने कहा कि प्रशासन नाबालिग बच्ची का दाखिला बोर्डिंग स्कूल में कराए और मृतक जितेंद्र दास की बहन को सरकारी नौकरी, मां को पेंशन और छोटे भाई को आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाए।

रविवार को टीएचडीसी अतिथि गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वराज विद्वान ने कहा कि जौनपुर की दोनों घटनाएं उत्तराखंड और देश के लिए शर्मासार करने वाली है। आरोपी ने बच्ची का रेप करने के बाद उसकी हत्या करने का प्रयास किया लेकिन संघर्ष के दौरान बच्ची ने दरवाजे की कुंडी खोल दी जिससे उसकी जान बच गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन बच्ची के बयान 164 के तहत देहरादून में ही कराए। बयान की वीडियो रिकार्डिंग की जाए। बच्ची को एडमिट करने के पांच घंटे बाद ही उसको डिस्चार्ज किया गया। इसकी पूरी रिपोर्ट आयोग ने तलब की है। उस समय डॉक्टर कौन था, ड्यूटी पर कौन था। घटना के समय के कपड़े व अन्य सबूत कब्जे में क्यों नहीं लिए गए। इस पर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। दोनों मामलों में दून अस्पताल और इंद्रेश अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज की रिपोर्ट भी तलब की गई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा दी जानी चाहिए। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसे कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस मौके पर समाज कल्याण अधिकारी अविनाश भदौरिया, सेवायोजन अधिकारी विक्रम, मुरारी लाल खंडवाल, रोशन आर्य, गंभीर दयाल आदि मौजूद थे।

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