टूटे शीशे की बस में सफर, 50 किमी तक अटकी रही यात्रियों की सांसें

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बाड़मेर . निजी बसों की अपेक्षा रोडवेज की यात्रा सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन टूटे शीशे की बस का संचालन देखकर रोडवेज के सुरक्षित यात्रा के दावे पर प्रश्नचिह्न लगता है। बाड़मेर डिपो की एक बस के सामने के दोनों तरफ के शीशे टूट चुके हैं। फिर भी बस का संचालन निरतंर किया जा रहा है। जिम्मेदारों ने भी मानों आंखें मूंद रखी है। इससे यात्रियों की जान जोखिम है। मजबूरी में यात्री भी बस में सफर कर रहे हैं।

हादसे को न्योता दे रही बसें

पत्रिका टीम ने शनिवार को रोडवेज बस स्टैंड के हालात देखे तो यहां पर सिणधरी से वापस आने वाली बस में यात्री बैठे नजर आए। बस का मुख्य शीशा टूटा हुआ था। यात्रियों के स्टैंड पर उतरे तो सांस में सांस आई। सिणधरी से बाड़मेर तक टूटे शीशे की बस में बैठे यात्रियों की सांसे फूली रही।...

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