ठेके के बर्चस्व में फंसा सीवरेज योजना का कार्य !

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जौनपुर। अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन के तहत वर्ष 2017- 2020 में नगरपालिका परिषद जौनपुर सीवरेज योजना के लिए 302 करोड़ एवं नमामी गंगे परियोजना के तहत नगरपालिका परिषद इंटरसेप्शन एवं नाला डायवर्जन के लिए 206 करोड़ रुपयों की स्वीकृत हुई थी। इसके तहत पचहटिया में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाना है। मगर ठेके का आवंटन ही नहीं हो पा रहा है। इसके लिए दूसरी बार टेंडर कराया गया है।

सीवरेज योजना के लिए जल निगम ने परियोजना तैयार की थी। बीस सितंबर 2018 को औपचारिक अनुमोदन भी प्राप्त हो गया। दिसंबर 2018 में मंत्री परिषद की मुहर भी लग गई। इसका आदेश भी प्रमुख सचिव नगर विकास ने जारी कर दिया। मार्च 2019 में ई-टेंडर भी हुआ लेकिन मनमाफिक ठेकेदार नहीं मिलने पर इसे निरस्त कर दिया गया। सीवरेज योजना का 24 मई 2019 को दोबारा टेंडर दोबारा कराया गया है। यह टेंडर 13 जून को खुलने वाला है। कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों ने टेेंडर डाला है, जिसे लेकर अभियंता आश्वस्त नहीं हैं कि वे तकनीकी काम को समय से पूरा कर पाएंगे। पचहटिया में टीटमेंट प्लांट लगाकर शहर के 14 बड़े नालों के पानी को पंप के माध्यम से एमएलडी कम कर नदी में गिराने के लिए 206 करोड़ का टेंडर भी दूसरी बार हुआ है। यह टेंडर 28 जून को खुलेगा। एक ठेकेदार ने बताया कि ई टेंडरिंग होने से कोई भी ठेकेदार टेंडर डाल दे रहा है, भले ही उसके पास काम का पर्याप्त अनुभव हो या न हो।...

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