फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन पर प्लॉट बेचने वाले को सजा

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ग्वालियर। सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट के रूप में उसे बेचे जाने के मामले में आरोपी विष्णु पाल को अदालत ने दोषी पाते हुए तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को दो धाराओं में दो-दो साल व दो धाराओं में एक-एक साल के सश्रम कारावास की भी सजा सुनाई गई है।

जेएमएफसी एमएनएच रजवी ने ग्राम थर थाना पुरानी छावनी निवासी विष्णु पाल को भादसं की धारा ४६७ के अपराध में यह सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा ४२० के अपराध दो साल के सश्रम कारावास, धारा ४६८ के अपराध में दो साल का सश्रम कारावास एवं ४७१ के अपराध में एक साल के सश्रम कारावास व १२० बी के अपराध में एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। एडीपीओ अजय कुमार शर्मा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि पारस गृह निर्माण सहकारी समिति के अध्यक्ष रमेश चौरसिया ने ५ जनवरी २००७ को आरोपीगण के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत कर कहा कि आरोपी प्रकाश, रामसेवक व रमेश सिंह ने शासकीय जमीन को यह जानते हुए कि उक्त जमीन उनके स्वामित्व की न होकर शासकीय जमीन है बेईमानी पूर्वक उक्त विक्रय पत्र आरोपी विष्णु पाल के पक्ष में निष्पादित कराया। आरोपी उप पंजीयक सरिता गर्ग पर यह आरोप था कि उन्होंने जानबूझकर अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन न करते हुए फर्जी विक्रय पत्र का निष्पादन कराया। इस परिवाद पर न्यायालय ने बहोड़ापुर थाने को मामले की जांच के आदेश दिए थे। न्यायालय ने मामले की जांच कर आरोपीगण के खिलाफ उपरोक्त धाराओं में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इस मामले में आरोपी विष्णु पाल को दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई ।

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