रथ पर सवार देवी-देवताओं की झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र

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करगहर : प्रखंड के कोथुआं गांव में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ व नवनिर्मित काली मंदिर में मूर्ति प्राणप्रतिष्ठा की पूजा रविवार को कलशयात्रा के साथ शुरू हो गयी. लक्ष्मी नरायण यज्ञ के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने कलशयात्रा सह भव्य शोभायात्रा निकाली.

यज्ञ मंडप से निकली शोभायात्रा के आगे-आगे बैंड बाजा, घोड़े के साथ रथ पर सवार देवी-देवताओं की कई झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं. कलशयात्रा कोथुआ से शुरू होकर जगदतपुर नादो सेमरी होते हुए करगहर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के प्रागंण में पहुंची. मंत्रोच्चार के बीच कांवरियों द्वारा बक्सर से लाये गये गंगाजल को श्रद्धालुओं ने अपनी कलश में भरा.

श्रद्धालुओं ने गंगा नदी का पवित्र जल भर कर पुन: यज्ञ स्थल पर वापस पहुंच कर कलश की विधिवत स्थापना करायी. यज्ञ आयोजन समिति के सदस्य रामप्रवेश पांडेय, सरयू पांडेय, पूर्व मुखिया कामेश्वर पांडेय, श्रीनिवास पांडेय, देवसागर पांडेय, मुखिया कमला कांत पांडेय, लल्लू पांडेय, अरुण पांडेय, मदन पांडेय सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ पांच दिनों तक चलेगा. शाम में प्रतिदिन जियर स्वामी जी के शिष्य अयोध्या नाथ स्वामी जी अपने प्रवचन से समाज का अाध्यात्मिक मार्गदर्शन करेंगे. 12 तारीख को जियर स्वामीजी का भी आगमन व प्रवचन होगा. 14 तारीख को पूर्णाहूति व भंडारे का आयोजन होगा.

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