47 डिग्री टॉर्चर : लू के थपेड़ों के बीच भभकते इंजन और दहकती पटरी पर दौड़ती ज़िंदगी

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सैकड़ों मुसाफिरों को एसी में सफर कराने वाले भारतीय रेल के ड्राइवर और गार्डस खुद भीषण गर्मी में काम करते हैं. लोगों को गर्मी में राहत का सफर कराने वाली किसी भी ट्रेन में पायलेट और गार्ड के लिए कोई सुविधा नहीं है. सिर्फ एक पंखे की हवा में लू के थपेड़ों और चिलचिलाती धूप में ये ट्रेन दौड़ाते हैं और करोड़ों मुसाफ़िरों को समय पर मंज़िल तक पहुंचाते हैं.आसमान से आग-पूरे मध्य प्रदेश में आसमान आग बरसा रहा है. गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है. हर जगह पारा ऐसा चढ़ा है कि उतरने का नाम नहीं ले रहा. गर्मी से बचने के लिए सब तरह तरह के उपाय कर रहे हैं. लेकिन हम सबसे बीच ऐसे भी लोग हैं जो गर्मी से बेपहरवाह अपने काम में लगे हैं. रोज़ करोड़ों लोगों को अपनी मंज़िल तक पहुंचा रहे हैं. ये हैं भारतीय रेलवे के गार्ड, ड्राइवर और लोको पायलट. बाक़ी सबके पास गर्मी से बचने की सुविधा और साधन हैं, लेकिन रेलवे के इन ड्राइवर्स के लिए कोई सुविधा नहीं....

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