MP के इस जिले में स्वच्छ भारत मिशन की खुली बड़ी पोल, 65 हजार घरों के सत्यापन में गायब मिले ये 4 हजार से अधिक निर्माण

  |   Katninews

कटनी. 30 सितंबर 2018 को कटनी जिला खुले शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुका है। यह तमगा सिर्फ कागजों में मिला है यह कहना अतिश्योक्ति नही होगी। क्योंकि अब भी ऐसे शौचालय स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने हैं जो या तो उपयोग के लायक नहीं हैं या फिर ग्रामीण उनका लकड़ी-कंडा रखने के लिए उपयोग कर रहे हैं। इसके पीछे की मुख्य वजह एक यह भी है कि गांवों में पानी की सुविधा नहीं है। लोग पेयजल का तो इंतजाम कर नहीं पा रहे तो फिर प्रसाधन के लिए इतना पानी कैसे जुटाएं यह सबसे बड़ी चुनौती है। हैरानी की बता तो यह है चार हजार से अधिक घरों में प्रसाधन ही नहीं है तो फिर कैसे जिला ओडीएफ! जिले में 2012 बेसलाइन सर्वे के अनुसार एक लाख 85 हजार 675 प्रसाधन का निर्माण कराकर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। जबकि ओडीएफ की घोषणा इसी शर्त पर होना था जब समुदाय पूरी तरह से खुले में शौच जाना बंद कर दे। यहां तक कि खेल-खलिहान में रहने वाले लोग भी। बगैर सत्यापन के ही जिला ओडीएफ हो गया। जिला पंचायत द्वारा एक नवाचार शुरू किया गया। ओडीएफ की हकीकत जानने व लोगों को प्रसाधन उपयोग के लिए जागरुक करने स्वच्छताग्राहियों से सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे में चौकाने वाले परिणाम सामने आ रहे हैं। 534 स्वच्छताग्राही और 14 संकुल सहजकर्ता के माध्यम से हो रहे सर्वे कराया जा रहा है। 65 हजार 526 घरों का सर्वे हुआ है, जिसमें यह बात सामने आई है कि 4 हजार 347 घरों में प्रसाधन ही नहीं हैं और परिवार के लोग खुले में शौच के लिए विवश हैं।...

फोटो - http://v.duta.us/wwLJfQAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/YKVHrgAA

📲 Get Katni News on Whatsapp 💬