अफसर नहीं बचा सके 30 लाख पौधे, इंद्रदेव को ठहराया जिम्मेदार

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कभी हरी-भरी दिखने वाली अरावली अब सूखी नजर आती है। बीते 20 साल में यहां से कई औषधीय पौधे (tree) लुप्त हो चुके हैं। जिला प्रशासन और वन विभाग (forest department) के अधिकारी (officer) इस अवधि में 30 लाख से ज्यादा पौधे (tree) बचा नहीं पाए। इसके उलट वे हरियाली घटने के पीछे मौसम में लगातार बदलाव, कम बरसात को ठहरा रहे हैं।

वन विभाग और सरकार बीते 50 साल में विभिन्न योजनाओं में पौधरोपण (tree plantation) करा रहा है। इनमें वानिकी परियोजना, नाबार्ड और अन्य योजनाएं शामिल हैं। इस दौरान करीब 40 से 50 लाख (tree) पौधे लगाए गए। पानी की कमी (lake of water) और सार-संभाल के अभाव में करीब 30 लाख पौधे (tree) तो सूखकर नष्ट हो गए। कई पौधे (tree) अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए। हालांकि वन विभाग (forest department) का दावा है, कि अजमेर जिले 13 वर्ग किलोमीटर वन (forest) क्षेत्र बढ़ा है। इसमें 7 वर्ग किलोमीटर मध्य घनत्व और 6 वर्ग किलोमीटर खुला वन क्षेत्र बताया गया है।...

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