नामांतरण-डायवर्सन लोक सेवा गारंटी के दायरे में, प्रक्रिया का सरलीकरण करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में डायवर्सन प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रक्रिया का सरलीकरण करने तथा नामांतरण व डायवर्सन के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हाल में ही लिए गए फैसले में प्रदेश में अचल संपत्ति के बाजार मूल्य गाइड लाइन में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। यह फैसला पूरे प्रदेश में 25 जुलाई से लागू हो जाएगा।

इससे राज्यभर में आवास और भूखंड की खरीदी बिक्री में तेजी आएगी। शहरी क्षेत्र में रहने वाले कमजोर और मध्यम वर्गों को इससे काफी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भूमि के डायवर्सन प्रक्रिया का भी सरलीकरण करने तथा डायवर्सन के प्रकरणों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाते हुए इन प्रकरणों का समय-सीमा में तेजी से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इसी प्रकार रजिस्ट्री के आधार पर भूमि के क्रेता के नाम पर नामांतरण करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार के इस कदम से शहरों में आवास और निर्माण कार्य कराना अब आसान हो जाएगा। यह फैसला मध्यम और कमजोर वर्ग के लिए राहत भरा फैसला साबित होगा। राज्य सरकार ने भूमि के बाजार मूल्य गाइड लाइन में 30 प्रतिशत कमी करने तथा पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से बढ़ाकर गाइड लाइन मूल्य का 4 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। अब पंजीयन पर 7.05 प्रतिशत के स्थान पर कुल 10.25 कर देना होगा, इससे जहां पक्षकारों द्वारा देय भुगतान पर नगण्य अंतर आएगा वहीं दस्तावेजों के पंजीयन में वृद्धि से राजस्व में भी वृद्धि होगी। इस फैसले से रियल स्टेट और निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।...

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