पांच लाख हैक्टेयर में लगी फसलें भी मटियामेट होने की कगार पर, जानें वजह

  |   Chhindwaranews

छिंदवाड़ा. मानसून की बेरुखी से किसान संकट में हैं। जिले की प्रमुख खरीफ फसल मक्का सूख रही है। इसके अलावा आर्मी वर्म फॉल कीट का प्रकोप भी देखा जा रहा है। जल्द पानी नहीं बरसा तो पांच लाख हैक्टेयर में लगी फसलें भी मटियामेट होने जाएंगी। बता दें कि जिले में अभी तक 176.4 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है जबकि गत वर्ष इसी अवधि तक 507.4 मिमी औसत वर्षा मापी गई थी।

चार दिन में एक मिमी पानी

दिन में चटक मारती धूप, झुलसाने पर आमादा सूरज और उमस इतनी कि दोपहर को सडक़ों पर घूमना मुश्किल, देर रात तक बेचैनी और कूलर-एसी के कारण बीमार पड़ते लोग। बारिश के इस मुख्य दिनों में जिले की ये स्थिति बयां कर ही है कि जिले में हालात क्या हैं। पिछले चार दिनों से एक मिमी बारिश हुई है। तापमान सामान्य से सात डिग्री ज्यादा चल रहा है। किसान के साथ जनमानस भगवान को मना रहा है। रोज भजन पूजन, जागरण और अभिषेक हो रहे हैं, लेकिन बारिश का अता पता नहीं है। जिले में हालात बेकाबू होते जा रहे हंै। पांच लाख हैक्टेयर में लगी फसलें भी मटियामेट होने की कगार पर पहुंच रहीं हैं।...

फोटो - http://v.duta.us/_Avp4AAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/L4xCkAAA

📲 Get Chhindwara News on Whatsapp 💬