एक प्रवक्ता के भरोसे चल रहा जीआईसी हचीला

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जीआईसी हचीला में प्रवक्ताओं की कमी से छात्र संख्या में लगातार कमी आ रही है। क्षेत्र के अभिभावक अपने छात्रों को हाईस्कूल के बाद अन्यत्र पढ़ाने को मजबूर हैं। अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने खुद अपने बेटे को हाईस्कूल के बाद इंटर की पढ़ाई के लिए डीडीहाट भेज दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति सरकार कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जीआईसी हचीला में अब छात्र संख्या महज 36 ही रह गई है। कुछ वर्षों पूर्व विद्यालय में छात्र संख्या काफी थी।

विद्यालय अंग्रेजी के एक प्रवक्ता के भरोसे चल रहा है। अन्य सभी पद विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल रिक्त चल रहे हैं। इसके चलते क्षेत्र से लगातार पलायन जारी है। पीटीए अध्यक्ष भवान सिंह ने इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपने बेटे को डीडीहाट में दाखिला दिलाया है। वर्तमान में 11 और 12 वीं कक्षा में महज तीन-तीन विद्यार्थी ही रह गए हैं। प्रधानाचार्य मनोज कुमार का कहना है कि क्षेत्र से पलायन के चलते छात्र संख्या लगातार कम हो रही है। ग्राम प्रधान मोहन राम, एसएमसी अध्यक्ष आन सिंह, गंभीर सिंह खोलिया, हयात सिंह, प्रेम सिंह आदि का कहना है कि जब विद्यालय में शिक्षण की व्यवस्था ही नहीं है तो ऐसे में अभिभावक क्यों बच्चों को भेजें। यदि इसी तरह उपेक्षा जारी रही तो आने वाले कुछ वर्षों में जीआईसी हचीला बंद होने के कगार पर पहुंच जाए तो कोई आश्चर्य नहीं।...

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