1984 में पुल न टूटता तो पता नहीं क्या होता, अब फिर वही हाला

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नदी किनारे वार्ड 7 में रह रहे लोगों पर बाढ़ का बना खतरा, बीते साल से नहीं ली सीख

धर्मेन्द्र सिंह राजपूत @ राहतगढ़. जैसे ही बारिश शुरू होती है तो बीना नदी डूब क्षेत्र में बने वार्ड क्रमांक ७ के लोगों की सांसे फूल जाती हैं। बीते सालों की तरह इस साल भी नदी में बाढ़ के हालात बन रहे हैं। इससे प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। नदी किनारे बनी पुरानी दीवार (कोट) लगातार साल दर साल ढहती जा रही है।

नदी डूब क्षेत्र में करीब 85 परिवार के मकान बने हैं जिसमें 500 से ज्यादा लोग रह रहे हैं। इनमें कई मकान बरसों पुराने हैं। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण लगातार और लोग भी रहते जा रहे हैं। बीते साल बाढ़ आने पर इसी इलाके में रहने वाले मनोज नामदेव के मकान का पिछला हिस्सा पानी में बह गया था और बीच सड़क पर करीब 5 फीट पानी भर गया था इसके अलावा कई अन्य घरों में पानी भर गया था। इस साल भी नामदेव की दीवार तक पानी आ गया है। वार्ड वासियों का यह भी कहना है कि दो एनीकट डैम बने हैं इनमें एक नयापुरा गांव के निकट डैम की ऊंचाई कुछ ज्यादा होने से पानी वापस बनेनी घाट के पुल पर ज्यादा आने लगा है। बनेनी घाट से नदी की दो धारें हो गई है एक धार बस्ती के और से जाती है और दूसरी धार बस्ती के बाहर से आगे जाकर दोनों धारे एक हो जाती है। जो धार बस्ती की ओर से आती है उस धार में पानी अधिक आने...

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