दया का भाव ही इंसान का सबसे बड़ा धर्म: दलाईलामा

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तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि सभी प्रमुख धार्मिक परंपराएं मूल रूप से प्रेम, दया और क्षमा का ही संदेश देती हैं। उन्होंने अनुयायियों से कहा कि वह इन्हें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। दया का भाव ही इंसान का सबसे बड़ा धर्म है। दलाईलामा मनाली में चल रहे तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में अनुयायियों को ज्ञान बांट रहे थे।

उन्होंने कहा कि ज्ञान, दया और क्षमा इंसान को बड़ा बनाती है। खुशहाली मिलती नहीं, बल्कि उसके लिए कदम बढ़ाने पड़ते हैं। अपनी क्षमताओं को जान कर और उनमें यकीन कर ही एक बेहतर विश्व का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपने साथ दूसरों को भी खुश रखने के लिए करुणा का भाव रखना आवश्यक है। इंसान का धर्म दयालुता होना चाहिए। सच्चा हीरो वही है, जो अपने क्रोध को जीत लेता है।...

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