खेलरत्न बजरंग पूनिया व दीपा मलिक के जज्बे की कहानी

  |   Rohtaknews

खेलरत्न बजरंग पूनिया व दीपा मलिक के जज्बे की कहानी

अंकित चौहान

सोनीपत। पैरालंपिक मेडलिस्ट दीपा मलिक व पहलवान बजरंग पूनिया को खेलरत्न दिए जाने की घोषणा हो गई है, लेकिन इन दोनों ने खेलों में जिस तरह का जज्बा दिखाया है। वह जज्बा बहुत कम लोगों में देखने को मिलता है। पाकिस्तान के साथ कारगिल में देश की खातिर पति कर्नल बिक्रम सिंह जंग लड़ रहे थे, तभी दीपा मलिक भी बीमारी में मौत से जंग लड़ रही थीं। दीपा मलिक ने मौत से जंग जरूर जीती, लेकिन उसके शरीर का निचला हिस्सा सुन्न हो गया। उसके बावजूद दस साल बाद दीपा ने खेलना शुरू किया और गोल्ड मेडल की झड़ी लगा दी। बजरंग पूनिया भी पहलवान ऐसे ही नहीं बने हैं, बल्कि हनुमान के भक्त पिता ने बेटे के जन्म लेते ही पहलवान बनाना तय कर लिया था और इसलिए ही उसका नाम बजरंग रखा था। बजरंग पूनिया भी लगातार मेडल जीतकर इतिहास रच रहा है।...

फोटो - http://v.duta.us/c8i5MAAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/F7ys_QAA

📲 Get Rohtak News on Whatsapp 💬