प्रसूता की मौत के बाद प्रशासन सकते में, मचा हड़कंप

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शाहजहांपुर/मिर्जापुर। डीएम के विवादित बोल के बाद प्रसूता की मौत का मामला मीडिया की सुर्खियां बनने पर प्रशासन सकते में आ गया है। शनिवार को डीएम के निर्देश पर एडीएम एफआर और कलान एसडीएम मिर्जापुर के सिंगहायूसुफपुर गांव स्थित प्रसूता के घर पति से मिलने पहुंचे। जितेंद्र को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन भी दिया।

थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव सिंगहा यूसुफपुर निवासी जितेंद्र कुमार 11 अगस्त को शाम करीब पांच अपनी गर्भवती पत्नी रेखा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था। जहां रेखा को बेड नहीं होने की वजह से भर्ती नहीं किया जा रहा था। इसी दौरान डीएम इंद्र विक्रम सिंह निरीक्षण के लिए पहुंचे तो महिला ने बेड नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर डीएम ने महिला से उसके बच्चों के बारे में पूछ लिया। महिला ने जब यह बताया कि उसके चार बच्चे हैं तो डीएम ने उससे यह कहा था कि क्या दो बच्चे काफी नहीं थे। डीएम के इस बयान का किसी ने वीडियो बना लिया था। डीएम के निर्देश पर महिला को अस्पताल में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन उसकी देख रेख में अस्पताल प्रशासन ने घोर लापरवाही बरती। मजबूरन 12 अगस्त को शाम 3:30 बजे वह पत्नी को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचा जहां उसी दिन उसकी पत्नी ने 7:45 बजे बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद प्रसूता की हालत गंभीर हो गई तो डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। बरेली ले जाते समय उसने रास्ते में उसकी मौत हो गई। मंगलवार को पत्नी के शव का अंतिम संस्कार भी उसने कर दिया। इधर, शुक्रवार को महिला और डीएम के बीच संवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। भाकियू नेता और समाजसेवी ने बयान पर आपत्ति जाहिर की। प्रसूता की मौत की जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया। डीएम के निर्देश पर शनिवार को एडीएम एफआर अमरपाल सिंह, कलान एसडीएम सुरेंद्र कुमार सिंगहा यूसुफपुर पहुंच गए और पीड़ित जितेंद्र से बंद कमरे में आधा घंटा बात करने के बाद आश्वस्त किया कि सरकार की जिन योजनाओं का लाभ जितेंद्र को नहीं मिल रहा है, वह दिलाया जाएगा और बेटियों को भी सुकन्या योजना का लाभ दिलाया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद जितेंद्र अब प्रशासन के खिलाफ कुछ भी कहने से बच रहा है।...

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