वतन से मोहब्बत है तो इसका इजहार भी करना चाहिए, बड़ी कुर्बानियां देकर आजादी हासिल की है- कारी ताहिर

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दारुल उलूम देवबंद में इस बार जश्न-ए-आजादी, समारोह पूर्वक मनाए जाने को मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों ने अनुकरणीय बताया। हालांकि उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है ऐसा निरंतर होता चला आ रहा है। उल्मा-ए-कराम की साझा राय है कि आजादी की जंग में उलमा-ए-देवबंद का किरदार शानदार रहा।

उन्होंने बड़ी कुर्बानियां देकर आजादी हासिल की है, इस लिए आजादी का जश्र मनाया जाना जायज है। जमीअत उलमा-ए-हिंद के जिलाध्यक्ष कारी ताहिर बेग ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी हमारे रहनुमा हैं। दारुल उलूम देवबंद में राष्ट्रगान होना एक अच्छी पहल है। वतन से मोहब्बत के साथ ही इसका इजहार भी करना चाहिए।...

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