शाजापुर में गंदा पानी पीने से इसलिए बीमार हो रहे लोग

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शाजापुर. बारिश शुरू होते ही मटमैले और बैक्टीरिया वाले पानी की समस्या शुरू हो जाती है। अनेक बार पानी की खराबी के चलते गांव की बड़ी आबादी बीमारी जद में आ जाती है। इसके बाद प्रशासन जागता है। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि बारिश लगते ही जिले के हैंडपंपों में क्लीनवेट डाली गई है, साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भी क्लीनवेट वितरित कर दी गई है। इस दौरान चार हजार क्लीनवेट की बॉटल डालने की बात सामने आ रही है।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन बीमारों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें पेटदर्द, उल्टी, दस्त, सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में पिछले १७ दिनों में ८ हजार से अधिक मरीजों की संख्या पहुंची हैं। इधर पीएचई की टीम भी गांव-गांव निरीक्षण कर पानी की शुद्धता जांचने के साथ ही ग्रामीणों को समझाइश भी दे रही है। जानकारी के अनुसार अभी तक जिले मात्र चार हजार क्लीनवेट ही बांटी गई, इस वर्ष मात्र दो हजार क्लीनवेट की बॉटल आई है। जिले में क्लीनवेटर बांटी गई इस पर पीएचई ईई भी संख्या स्पष्ट नहीं कर पाए। उनका कहना था कि क्लीनवेट में कमी नहीं आई है, आवश्यकता पडऩे पर और मंगवाई जाएगी। बता दें कि हर साल जिले में ग्रामीण क्षेत्रों पानी को स्वच्छ करने के लिए करीब २० हजार बॉटल क्लीनवेट की लगती है, लेकिन इस बार मात्र दो हजार बॉटल ही मंगाई गई, जबकि पूर्व की रखी ४ हजार बॉटलों का उपयोग किया गया।...

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