Vedio - कानून सीखना और उसकी बेहतर व्याख्या करना भी एक कला है

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रतलाम। उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायमूर्ति रोहित आर्य ने कहा कि वकालात का पेशा शिक्षा और संस्कार का समन्वय होता है। वे जिला अभिभाषक संघ की तरफ से आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। जिला अभिभाषक संघ ने वकालात करते हुए ५० साल से ज्यादा समय पूरा करने वाले वरिष्ठ अभिभाषकों का सम्मान किया गया। न्यायमूर्ति आर्य ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करके संस्कृति को अपनाने से ही सफलता मिलती है। कानून की शिक्षा प्राप्त करना ही काफी नहीं होता है। उसके लिए यह भी जरुरी है कि आपने कानून कैसे पढ़ा और कैसे उसकी व्याख्या को समझा। वकालात का पेशा प्रोफेशनल होता है लेकिन इस प्रोफेशन में इमानदारी, काम के प्रति लगन और तन्मयता जरुरी है। इसके बिना आप आगे नहीं बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कानून सीखना एक कला है तो उसकी बेहतर व्याख्या करना भी एक कला ही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश शोभा पोरवाल ने की।...

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