इलाज के नाम पर मिला दर्द, केजीएमयू में डायलिसिस के बाद मरीज हो गई एचआईवी पॉजीटिव

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केजीएमयू में डायलिसिस के बाद 70 साल की महिला मरीज के एचआईवी संक्रमित होने का मामला सामने आया है। महिला की आठ जुलाई को डायलिसिस से पहले की गई जांच में उसे एचआईवी का कोई संक्रमण नहीं पाया गया था।

वहीं, 17 जुलाई को हुई जांच में उसे एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। सूत्रों की मानें तो यहां एक डायलाइजर से 12 से 15 बार मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। जबकि अधिकतम पांच बार ही की जानी चाहिए। स्पेशल डायलाइजर से भी अधिकतम 10 बार ही डायलिसिस की जा सकती है।

इतना ही नहीं, एक बार डायलिसिस होने के बाद उसे विसंक्रमित करके रखना होता है। जिस डायलाइजर पर एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की डायलिसिस होती है उसे अलग ही रखा जाता है। यहां कुल 17 मशीनें हैं। इनमें से तीन मशीनें गंभीर बीमारियों के संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के लिए हैं। चार मशीनें बंद पड़ी हैं।...

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