शिक्षा के लिए खतरे में सप्तरुद्रा नदी के उफान को पार कर रहे हैं बच्चे

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वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली का खामियाजा यमकेश्वर ब्लाक के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत सीला के पास पांच साल पहले सप्तरुद्रा नदी के उफान से बहे वन विभाग के पुल का आज तक निर्माण नहीं हुआ है। लोग पिछले पांच साल से पुल बनने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकारी विभाग लापरवाहीपूर्ण कार्यप्रणाली अपनाए हुए हैं। नतीजतन लोग और स्कूली बच्चे शिक्षा के लिए जान जोखिम में डालकर नदी को पार करने को मजबूर हैं।

वर्ष 1960 में ग्राम सीला में सप्तरूद्रा नदी पर लैंसडौन वन प्रभाग की लालढ़ाग रेंज द्वारा मोटर पुल का निर्माण किया गया था। वर्ष 2014 की बरसात में नदी के उफान से आधा दर्जन गांव, प्राथमिक विद्यालय और हाईस्कूल सीला को जोड़ने वाला पुल बह गया था। तब से लोग पुल के निर्माण की वन विभाग से मांग कर रहे हैं। चार साल के बाद लोगों की मांग पर सरकार ने पुल सहित क्षेत्र के लिए सड़क की स्वीकृति लोक निर्माण विभाग को दी, लेकिन वन विभाग द्वारा अभी तक पीडब्लूडी को पुल के दस्तावेज हस्तांतरित नहीं कराए गए हैं। इसके कारण पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।...

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