2061 साल पुराना है बाबा बैद्यनाथ मंदिर का स्वर्ण कलश, अङ्ग जनपद में शुरू हुई थी नाग पूजा की परंपरा

  |   Devgarhnews

जी हां, 2061 साल पुराना है बैद्यनाथ मंदिर के ऊपर स्थापित स्वर्ण कलश. इस रहस्य का पहली बार उद्घाटन किया है दुमका के पुरातत्ववेत्ता पंडित अनूप कुमार वाजपेयी ने. उनकी पुस्तक ‘विश्व की प्राचीनतम सभ्यता’ में इस रहस्य का खुलासा किया गया है.

अपनी खोज के आधार पर पंडित वाजपेयी ने इस पुस्तक में बताया है कि बैद्यनाथ मंदिर के ऊपर जो स्वर्ण कलश है, उसे बनवाकर 2061 साल पूर्व श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी यानी नाग पंचमी के दिन स्थापित किया गया था.

इससे संबंधित तथ्य इस कलश पर अंकित हैं. पंडित वाजपेयी ने इससे संबंधित अन्य बातों का भी उल्लेख किया है. उन्होंने कहा कि कलश पर अंकित तथ्यों से जानकारी मिलती है कि प्राचीन ‘अंग क्षेत्र’ (जिसके भाग झारखंड और बिहार में हैं) में नाग देवता की पूजा की परंपरा बहुत प्राचीन है....

फोटो - http://v.duta.us/oWCXmAAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/kWa3AQAA

📲 Get Devgarh News on Whatsapp 💬