गणितीय क्षमता और तर्क शक्ति का विकास विषय पर हुई व्याख्यान माला

  |   Chhatarpurnews

छत्तरपुर. शासकीय महाराजा महाविद्यालय छतरपुर में गणितीय क्षमता एवं तर्कशक्ति का विकास विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. एलएल कोरी ने की। विषय विशेषज्ञ के रूप में गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके सक्सेना, डॉ. बीएल कुमार, डॉ. आरके पांडे, केबी अहिरवार, डॉ. राजू अहिरवाल, डॉ. जेपी मिश्रा मंचासीन थे।

स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉक्टर जेपी शाक्य ने कहा कि आज का युग कंपटीशन का युग है। प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षाओं में गणितीय क्षमता एवं तर्कशक्ति के अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं। अच्छे गणित के बिना गणना का कार्य असंभव है, तो वहीं अच्छी तर्कशक्ति के बिना मानसिक स्तर का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता है। डॉ. बीएल कुमार ने कहा कि किसी आकृति में संख्या मैट्रिक्स के अंतर्गत प्रश्नों में कुछ संख्याएं किसी विशेष नियम के तहत व्यवस्थित होती हैं। यदि आपको नियम ज्ञात है तो ही लुप्त संख्या को ज्ञात कर सकते हैं। गणितीय संक्रियाएं एवं गणितीय ज्ञान से हम तर्कशक्ति परीक्षा में प्रयोग करते हैं। गणितीय नियमों से तात्पर्य सरलीकरण, औसत, अनुपात, साझेदारी, प्रतिशत, लाभ-हानि, ब्याज, क्षेत्रमिति, आयतन आदि से संबंधित नियमों का ज्ञान से है। डॉ. आरके पांडे ने कहा गणित के बिना प्रमाण नहीं बनता और प्रमाण तर्कशक्ति से प्राप्त होते हैं। तर्क चिंतन से आता है। तर्कशक्ति के बिना गणित हल नहीं किया जा सकता। डॉ. एके सक्सेना ने विद्यार्थियों से कहा कि वैदिक गणित से हम बड़ी से बड़ी गणनाओं को शीघ्र एवं सही हल कर सकते हैं। वैदिक गणित में शास्त्र, वेद, पुराणों, एवं ऋ षि-मुनियों द्वारा गणित की गणना के सरल सूत्र बताए गए हैं। जिसके पालन करने से गणित की गणनाओं को सरलता से हल कर सकते हैं।...

फोटो - http://v.duta.us/L2ua9wAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/W8K0IAAA

📲 Get Chhatarpur News on Whatsapp 💬