ग्रामीणों का संघर्ष जीता, फैक्ट्रियों के खिलाफ मामला दर्ज

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उदयपुर . मादड़ी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित कुछ फैक्ट्रियों से छोड़े जा रहे केमिकलयुक्त पानी के मामले में प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से गड़बडिय़ां पकड़ में आने के बाद रविवार को छह फैक्ट्रियों के खिलाफ प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज किया गया।राजस्थान पत्रिका के ‘काले पानी का दंश’ अभियान के बाद प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्हें केमिकलयुक्त पानी तो मिला लेकिन जांच में फैक्ट्रियों का खुलासा नहीं हो पाया था। इस बीच, बारिश के दौरान मादड़ी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित शांतिनाथ सोप स्टोन उद्योग फैक्ट्री में पानी रिसता हुआ मिला, वहीं अन्य फैक्ट्रियों से प्रदूषित पानी छोडऩे के प्रमाण मिले थे। इस संबंध में प्रदूषण संघर्ष समिति ने प्रतापनगर थाने में परिवाद पेश किया। जांच के बाद रविवार को पुलिस ने समिति संयोजक कानपुर निवासी गेहरीलाल डांगी की रिपोर्ट पर मादड़ी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित शांतिनाथ मिनरल्स, मौलिक डाइकेम, वेस्टर्न ड्रग्स, गोल्डन ड्रग्स लिबर्टी फास्फेट, मिथिला ड्रग्स आदि फैक्ट्रियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।परिवादी का कहना है कि इन फैक्ट्रियों के प्रदूषण व केमिकलयुक्त पानी से आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। नदी-नाले में पानी छोडऩे से सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा जमीन खराब हो गई। एडीएम के नेतृत्व में गठित कमेटी ने औद्योगिक क्षेत्र से प्रभावित बेड़वास, कानपुर, मादड़ी, पंचोली, मटून, लकड़वास, टीलाखेड़ा, कमलोद, खड़बडिय़ा, कलड़वास आदि गांवों को दौरा कर जांच की थी। पुलिस ने रिपोर्ट पर फैक्ट्रियों के खिलाफ धारा 277,284 व 336 में मामला दर्ज किया। पुलिस अब इस मामले में मौका नक्शा रिपोर्ट के साथ ही प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण मंडल व रिको से समस्त फैक्ट्रियों का रिकॉर्ड लेगी। रिकॉर्ड में फैक्ट्री कब से संचालित है, रिको की ओर से किन शर्तों पर जमीन दी गई, प्रबंधन ने वहां किस तरह का उल्लंघन किया पुलिस इन सब के बारे में जांच करेगी।

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