खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं गंगा

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वाराणसी। गंगा और वरुणा की बाढ़ ने तटवर्ती इलाकों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। निचले हिस्से में बसे हजारों लोगों के घर बाढ़ के पानी भरा हुआ है और वह घर छोड़कर दूसरे ठिकाने पर पहुंचे चुके हैं। जो रुके हैं उन्होंने छतों पर शरण ले रखी है। प्रभावित घरों की बिजली कटने से परेशानियां और बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से बांटी जा रही राहत सामग्री नाकाफी साबित हो रही है। उधर, रविवार को गंगा का जलस्तर 71.93 मीटर पहुंच गया। दोपहर बाद गंगा के स्थिर होने से प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है।

वरुणा के किनारे रहने वालों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। कोनिया इलाके में तो दर्जनों घरों के पावर लूम में पानी घुसने के कारण काम भी ठप हो गया है। इसके कारण बुनकरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। सरकारी मदद नहीं पहुंचने के कारण लोगों में आक्रोश है। कोनिया इलाके के विजईपुरा की रहने वाली अजीजुनिशां के करघे पानी में डूब चुके हैं। उन्होंने बताया कि छह दिनों से काम बंद है। इस्माइल उर्फ अंजुम का घर भी झील बना हुआ है और करघे आधे डूबे हुए हैं। निहालुद्दीन के घर में पानी घुसने के कारण छत के रास्ते दूसरों के घर से बाहर निकलना हो रहा है। बनारसी का पूरा घर पानी में डूब चुका है और वह दूसरे के घर में परिवार के साथ रह रहे हैं। इशरत परवीन के घर में पानी घुसने के कारण वह सीढ़ी लगाकर घर की छत पर डेरा डाले हुए थीं। जीउतिया की पूजा के लिए जा रही धर्मशीला को कमर भर पानी से गुजरना पड़ा। जरीना के घर में पानी घुस जाने के कारण पूरे परिवार को नित्य कर्म के लिए पड़ोसी के घर जाना पड़ रहा है।...

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