गोवंश की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे नगर प्रशासन

  |   Bhadohinews

गोपीगंज। योगी सरकार भी अब छुट्टा घूम रहे पशुओं की मानो सुधि लेना भूल चुकी है। लाखों खर्च के बाद भी बाजारों में इधर-उधर छुट्टा पशु दौड़ रहे हैं। संरक्षण के अभाव में रोजाना छोटी-बड़ी सड़कों पर घूम रहे बेजुबान कहीं सड़क हादसे तो कहीं गंभीर बीमारियों की चपेट में आकर घायल हो जा रहे।

नगर पालिका और नगर पंचायत की ओर से निगरानी के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जिससे बीमारी से ग्रसित पशु देखते ही देखते दम तोड़ दे रहे हैं। अहम बात तो यह कि ऐसे वक्त में गोवंश के नाम पर मानवता और ओछी राजनीति करने वालों का भी अता-पता नहीं चलता। मामला चाहे नगर पालिका गोपीगंज का हो या भदोही और नगर पंचायत ज्ञानपुर, नईबाजार, खमरिया, घोसिया का। छोड़े गए पशु नगरों को ही अपना आशियाना समझ रहे हैं। इस दौरान छोटे-बड़े वाहनों से टकराकर जख्मी और खुरपका-मुंहपका जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आकर यह अधिकांश स्थानों पर जमीन पकड़ते जा रहे हैं। मौत के बाद होने वाली दुश्वारियों को देख लोग इन्हें हटाने-बढ़ाने के नाम पर राजमार्ग को ही शरणगाह के रूप में प्रयोग करना शुरू कर दिये हैं। गत सप्ताह से सदर मोहल गोपीगंज में तड़प रहे पशु को जब पालिका के कर्मचारी जेसीबी से उठाकर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास फेंक दिया गया। अब मरने के बाद होने वाली परेशानी से लोगों की चिंता बढ़ गई है। व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री रमाकांत गुप्ता, नगरध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल जिला संरक्षण समिति से ऐसे मामलों में उचित कदम उठवाने और नगर पालिका-नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों से नगर क्षेत्रों में घूमने वाले पशुओं के लिए शरणगाह, उपचार और मौत के बाद निस्तारण स्थल पर ही पहुंचाने का आह्वान किया।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/ubN8ugAA

📲 Get Bhadohi News on Whatsapp 💬