न रसूख काम आया और न गुरु, आखिर जाना पड़ा हवालात

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शाहजहांपुर। न सरकार में कोई पद न एमपी और एमएलए, फिर भी रसूख सत्ता का लेकिन जब एक महिला ने उनकी करतूत खोली तो वह अब लखनऊ में जेल की सलाखों के पीछे हैं और उनके जानने वाले उनके इस कृत्य के उजागर होने पर हतप्रभ हैं।

चौक निवासी सुचित सेठ शहर का जाना पहचाना चेहरा है। जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनीं और उनके गुरू को सरकार में ओहदा मिला तो यह साहब भी बिना किसी पद के रसूख में आ गए क्योंकि साए की तरह गुरू के साथ रहने का फायदा उन्हें यह मिला कि जो लोग अपनी बात ओहदे पर बैठे गुरु से नहीं कह पाते थे, वह सुचित सेठ से मिलते थे और इसी का फायदा उन्होंने एक महिला से संबंध बनाने में कर लिया। महिला की उसके पति से अनबन हुई तो उस पर हाथ रख दिया। मदद के नाम पर उसे झांसे में लिया और उसके साथ जब चाहा दुष्कर्म किया। महिला तो तब पीछा छुड़ाने पर तुल गई जब हर चीज की अति हो गई। वह महिला को उसके पति से तलाक दिलाकर खुद शादी करना चाह रहे, पर महिला पति को छोड़ना नहीं चाहती थी। सत्ता की हनक जब महिला को दिखाई तो उन्हें आखिरकार लखनऊ में जेल जाना पड़ गया।

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