प्रचार में दिखा दम, धरातल पर निकल रहा दम

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शामली। प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना आयुष्मान भारत का प्रचार करने का जितना प्रशासन ने दम दिखाया था, उससे ज्यादा धरातल पर इन दावों का दम निकल रहा है। भले ही गांवों और वार्डों में बैठक आयोजित कर लाभार्थियों की सूची चस्पा कर योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्रों को दिलाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन एक साल बाद भी गोल्डन कार्ड बनाने की जानकारी के लिए लोग भटक रहे है।

सितंबर 2018 में जनपद में आयुष्मान योजना शुरू हुई थी। शासन ने योजना का प्रचार प्रसार कर पात्रों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए थे। शासन के निर्देश पर प्रशासनिक स्तर पर इस योजना के प्रचार प्रसार की शुरूआत की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पात्रों तक पहुंचाने के लिए हर गांव में बैठकें आयोजित कर योजना की जानकारी दी गई। इसके साथ ही गांवों में लाभार्थियों की सूची चस्पा की गई ताकि लाभार्थी को चयन की जानकारी मिल सके। शहरों में वार्डों में इसी तरह कैंप लगाकर जानकारी दी गई। अधिकारियों के मुताबिक गांवों में और शहरों में वार्ड वाइज कैंप लगाकर लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे है। जिन लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन गए, वे तो फ्री इलाज पाकर योजना की सराहना कर रहे है, लेकिन पात्रता सूची में नाम होने के बाद भी जिन लाभार्थियों के कार्ड नहीं बने, वे अभी तक फ्री इलाज से महरूम है।...

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