पर्यावरण की रक्षा के लिए तकनीक में बदलाव जरूरी

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वाराणसी। बनारस संत कबीर की धरती है और काशी स्वयं में धरोहर है। विश्व में सभी लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं। पर्यावरण मानवता से जुड़ा है। पर्यावरण की रक्षा के लिए तकनीक में बदलाव आवश्यक है। उक्त विचार राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने व्यक्त किए। वह रविवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन सभागार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से काशी धरोहर के तहत आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम छेड़ दिया है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध के कारण कपड़े के झोले का इस्तेमाल बढ़ा है। हैंडलूम एवं हाथ से बने कपड़ों के आइटम की मांग बढ़ेगी। इससे बुनकरों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। बुनकर अपने बुनकर सेवा केंद्र में जाकर तकनीक युक्त ज्ञान का लाभ लें। यह केंद्र बुनकर को तकनीक से जोड़ता है। केंद्र सरकार बुनकरों के उत्थान के लिए तत्पर है। कार्यक्रम का आयोजन हुनरे बनारस, साई इंस्टीट्यूट आफ टेकभनोलाजी एवं मेरी बेटी मेरा वैभव के तत्वावधान में बुनकर एवं हस्तशिल्प सांस्कृतिक विरासत संरक्षण विषयक कार्यशाला आयोजित की गई। अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के अखौरी वैश्यायन ने कहा कि हैंडलूम उद्योग एवं बुनकरों की गिरती स्थिति चिंताजनक है।...

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