'बंदरों को वर्मिन घोषित कर मारने की थी बात फिर नसबंदी पर खर्च क्यों कर रही है सरकार'

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शिमला. किसान सभा ने प्रदेश में बंदरों (Monkeys) की समस्या से निपटने को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. प्रदेश में किसान-बागवान (Farmers) से लेकर शहरी इलाकों के लोग बंदरों की समस्याओं से जूझ रहे हैं. सरकार कई योजनाएं लेकर आई, लेकिन बंदरों की समस्या का निपटारा नहीं हो पाया है. इस बाबत हिमाचल किसान सभा (Himachal Kisan Sabha) ने राज्य सरकार से तीन सवाल पूछे हैं. किसान सभा का कहना है कि कई देशों में बायोमेडिकल रिसर्च के लिए बंदरों की जरूरत को देखते हुए सरकार बंदरों के निर्यात पर विचार क्यों नहीं करती ?

बंदरों को वर्मिन घोषित कर मारने की इजाजत 3 साल पहले दे दी थी...

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