आदिवासी इलाके में अब भी जल रही देसी शराब की भट्ठी

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मदन कुमार, बांका : शराब बंदी अधिनियम लागू होने के बाद से विदेशी शराब अब बड़ी मुश्किल से मयस्सर हो पाती है. लिहाजा, विदेशी शराब की भूख देसी महुआ शराब से मिट रही है. जी हां, मौजूदा समय से आदिवासी व जंगली इलाके में अवैध रूप से महुआ शराब की भट्ठी खूब सुलग रही है.

देसी भट्ठी से निर्मित शराब से पियक्कड़ों की नशे की भूख आसानी से मिट रही है. ताज्जूब की बात यह है कि पुलिस प्रशासन व उत्पाद विभाग इस पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही है. हालांकि, जनवरी से अबतक विभिन्न थाना क्षेत्र में 38 महुआ शराब की भट्टी ध्वस्त कर यंत्र जब्त कर लिया गया है....

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