कसरावद के लोगों ने कहा हमें डूब से बाहर कर दिया तो फिर क्यों हम खाली करें मकान

  |   Barwaninews

बड़वानी. सरदार सरोवर बांध की डूब में आ रहे गांवों को खाली कराने के लिए प्रशासन भरसक प्रयास कर रहा है। मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर डूब प्रभावित हटने को राजी नहीं है। गुरुवार को ग्राम छोटी कसरावद में डूब में आ रहे मकानों को खाली कराने के लिए पुलिस पहुंची थी, लेकिन डूब प्रभावितों के विरोध के बाद वहां से वापस लौटना पड़ा। डूब प्रभावितों का कहना था, जब हमें डूब में माना ही नहीं तो हम क्यों मकान खाली करे। जब तक हमारा पुनर्वास नहीं हो जाता, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे।

जिला मुख्यायलय से पांच किमी दूर नर्मदा तट पर बसा ग्राम छोटी कसरावद को डूब से बाहर कर दिया गया था। अब बढ़ते जल स्तर के साथ ही यहां गांव में पानी घुसना आरंभ हो गया है। गुरुवार को पांच मकानों तक बैक वाटर पहुंच गया था। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2001-02 में गांव का सर्वे हुआ था। तब यहां 364 मकानों को डूब में माना गया और भूअर्जन की कार्रवाई की गई। वर्ष 2008-09 में हुए दोबारा सर्वे में सिर्फ 25 मकानों को डूब में माना गया और बाकी मकानों को डूब से बाहर कर दिया गया। यहां तक की इनका अवार्ड भी वापस ले लिया गया। अब नर्मदा के बढ़ते जलस्तर से यहां डूब आना शुरू हो गई है। वर्तमान स्थिति में यहां पांच मकानों तक पानी आया है। 136 मीटर के वाटर लेवल पर 30 मकान और डूबेंगे। वहीं, 138 मीटर वाटर लेवल पर पूरा गांव टापू बन जाएगा।...

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