सीएम साहब! जब रैपिड सर्वे में 18 प्रतिशत, तो पांचवे पद तक 20 प्रतिशत आरक्षण क्यों?

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खास बातें

‘सीएम साहब, वर्ष 2001 में आरक्षण की नीति तय करते समय रैपिड सर्वे के आधार पर अनुसूचित जाति की आबादी 18 फीसदी के स्थान पर 19 प्रतिशत मान ली गई। सीधी भर्ती के पदों में पहला पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर पांचवें पद तक आरक्षण 20 प्रतिशत तक हो गया। क्या ये संवैधानिक रूप से उचित था?’ यह प्रश्न बृहस्पतिवार को उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्प्लाइज फेडरेशन के नेताओं ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें कैबिनेट में आरक्षण के रोस्टर के संबंध में लिए गए फैसले का शासनादेश जारी करने का अनुरोध किया गया। ज्ञापन में एससी कर्मचारी को सीधी भर्ती के पद का लाभ छठवें पद से देने और उसको 18 प्रतिशत तक की सीमा में करने की भी मांग भी की गई।...

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