सेवक ही बन गये भक्षक, 34 दिन में दूसरी बार महकमा शर्मसार

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सीतामढ़ी : आम तौर पर पुलिस को जनता का सेवक माना जाता है. थानों में स्लोगन भी पुलिस का सही अर्थ बताता है, पु मतलब पुरुषार्थ, लि मतलब लिप्सारहित तथा स मतलब सहयोगी. . जिस पुलिसकर्मी पर जनता की सुरक्षा की महती जिम्मेवारी है, वही जब भक्षक बन जाये तो, फिर पुलिसिंग व्यवस्था का कहना क्या.

नगर थाना के गश्ती दल में शामिल दारोगा व पैंथर मोबाइल के तीन जवानों ने जिस प्रकार अपनी नापाक करतूत को अंजाम देकर विभाग को शर्मसार किया है, वह अचंभित करने वाला है. इन पुलिसकर्मियों की करतूत से पुलिस विभाग आम जनता के समक्ष कटघरे में खड़ा है और सवाल दर सवाल खड़े किये जा रहे हैं....

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