एडिशनल चीफ सेक्रेट्री ने कहा, बायोटेक्नो क्राप्स से हल नहीं हो सकती एग्रीकल्चरल क्राइसेस

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सतना. एकेएस विवि के एग्रीकल्चर संकाय में आयोजित तीन दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस में मप्र शासन के एसीएस मनोज श्रीवास्तव ने कृषि के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी की उपयोगिता व उसके दुष्प्रभाव पर चर्चा की। देशज पद्धति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। कहा, पशुपालन व पोल्ट्री फार्म को बढ़ावा दिया जाए तो किसानों की आय बढ़ सकती है। बायोटेक क्रॉप्स पर अफ्रीका में अध्ययन हुआ, लेकिन कृषि समस्या का समाधान करने में यह प्रयोग फेल रहा। खेती में टेक्नोलॉजी का प्रयोग तो जरूरी है पर वह हमारी पारिस्थितिकी के अनुरूप हो। पशुपालन और कृषि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने एनीमल एनीस्थीसिया, एनीमल मसाजिंग व एनीमल फिजियोथेरेपी जैसे कोर्सेस शुरू करने का सुझाव दिया।...

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