रातभर ढालों की धूम, सुबह ताजियों का मिलाप

  |   Bandanews

बांदा। मोहर्रम के रस्मी आयोजन अब तेज हो गए हैं। बीती रात मोहर्रम माह की पांचवीं को पूरी रात शहर में ढोल-ताशों की गूंज के बीच ढाल सवारियों के जुलूस निकलते रहे। कई स्थानों पर ढालों का जमघट और मेले का नजारा रहा। जगह-जगह पुलिस का पहरा था। उधर, शुक्रवार को छठवीं पर सुबह ताजिए जुलूस निकाले गए। कोतवाली के सामने मिलाप और मेला रहा।

बुंदेलखंड और खासकर बांदा का मोहर्रम आयोजनों को लेकर अनोखा है। मोहर्रम माह के शुरूआती 10 दिनों में आयोजनों की धूम रहती है। इसी श्रृंखला में गुरुवार को पांचवीं मोहर्रम की रात शहर के आधा सैकड़ा से ज्यादा अलाव वाले इमामबाड़ों में ढाल और नाल सवारियां सज गईं। ढालों को अन्य स्थानों पर तैयार किया गया था। इनके श्रद्धालु ढोल-ताशे के साथ ढालों को अलग-अलग जुलूस के जत्थों में लेकर निकले और शहर में भ्रमण के बाद निर्धारित इमामबाड़ों में ढालें रखी गईं। शाम से शुरू हुआ यह सिलसिला तड़के तक चला। बजाजी चौराहा से लेकर मनोहरीगंज डीएवी रोड तक ढालों का जमघट रहा। इसके अलावा छावनी चौराहा, गूलरनाका, अमर टाकीज तिराहा, रामा का इमामबाड़ा, मर्दन नाका, कालवनगंज, कुंजरहटी, खुटला, निम्नीपार आदि में भी ढालों के जुलूस पहुंचे। बड़ी तादाद में महिलाएं इन्हें देखने के लिए सड़कों, फुटपाथों और छतों पर जमी रहीं।...

फोटो - http://v.duta.us/0STuzwAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/Gt3-1wEA

📲 Get Banda News on Whatsapp 💬