राष्ट्र संत चंद्रप्रभ सागर ने कहा कि ऊर्जा के ऊध्र्वारोहण के लिए ध्यान और योग कीमिया औषधि

  |   Jodhpurnews

जोधपुर. राष्ट्र संत चंद्रप्रभ सागर ( Chandraprabha Sagar ) ने कहा कि जीवन ऊर्जा का नाम है। ऊर्जा अवरुद्ध हो जाए तो हम बीमार पड़ जाते हैं और ऊर्जा का शोधन हो जाए तो स्वास्थ्य, सुख और शांति में बढ़ोतरी हो जाती है। संतप्रवर गांधी मैदान में आयोजित संबोधि ध्यान योग शिविर ( Sambodhi Meditation Yoga Camp ) के दूसरे दिन साधक भाई बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर हमारे शरीर में बीमारी है, मन में आक्रोश है और अंतर मन में विकार है तो समझना चाहिए कि हमारी ऊर्जा विकृत है। जहां भोजन करने से ऊर्जा प्राप्त होती है, नींद से ऊर्जा एकत्र होती है, कार्य करने से ऊर्जा खर्च होती है, भय और चिंता से ऊर्जा संकुचित होती है, वासना से ऊर्जा नीचे गिरती है व क्रोध से ऊर्जा खत्म होती है, वहीं ध्यान ( meditation ) और योग ( yoga ) से ऊर्जा ( energy ) एकाग्र होकर ऊध्र्वामुखी होने लगती है।...

फोटो - http://v.duta.us/_F9vAgAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/6CtVDQAA

📲 Get Jodhpur News on Whatsapp 💬