विद्यार्थी, शिक्षक व रसोईये भी करते हैं ड्रेस कोड का पालन

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उमरिया. शिक्षा में अनुशासन का बहुत ज्यादा महत्व है। जिले की करकेली जनपद पंचायत मे संचालित माध्यमिक शाला तामन्नारा में विद्यार्थियों को गणवेश वितरण के बाद भी विद्यार्थी गणवेश में नही आते थे। शिक्षको को यह बात बहुत खलती थी। एक दिन शाला के प्रधानाध्यापक ने शिक्षको के साथ बैठक कर अपनी चिंता व्यक्त की। सभी शिक्षको ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि अब विद्यार्थी ही नही शिक्षक एवं मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम की रसोईये भी ड्रेस कोड में आयेगे। शिक्षक रवि मिश्रा ने बताया कि यह तरकीब बहुत सटीक उतरी। इस निर्णय से जहां स्कूल में अनुशासन बढ गया वहीं पढाई के स्तर एवं दक्षता मे भी सुधार परिलक्षित होने लगा। मध्यान्ह भोजन बनाने वाली सहायिकाओ को भी पालक शिक्षक संघ की तरफ से गणवेश उपलब्ध कराया गया है। अब पूरे स्कूल में चाहे वह शिक्षक हो या विद्यार्थी हो या रसोईया हो सभी गणवेश मे आते है। यह देखकर अत्यंत सुखद अनुभूति होती है। इस छोटे से निर्णय के कारण शैक्षणिक वातावरण मे सुधार हुआ है तथा अशासकीय स्कूलो से तीन बच्चों ने अपना नाम कटवाकर माध्यमिक शाला तामान्नारा में प्रवेश लिया है। इसी तरह जनपद पंचायत पाली अंतर्गत माध्यमिक शाला डिडवरिया मे पदस्थ शिक्षक आरती शर्मा ने स्कूल में स्वच्छता की मिशाल कायम की हैं। वे स्कूल आते ही प्रतिदिन स्कूल की साफ सफाई का निरीक्षण करती है। कहीं भी गंदगी मिली तो स्वयं साफ सफाई में जुट जाती है। उन्होने बताया कि इस कार्य से अपने दायित्वों के प्रति संतोष प्राप्त होता है। अब स्कूल के बच्चे भी उनका अनुसरण करने लगे है। जो स्कूल मे सुखद वातावरण का एहसास दिलाता है।

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